शुक्रवार, 12 जून 2026

एक अभ्यासी की डायरी से?!

एक अभ्यासी की डायरी से.... कुछ वर्षों पूर्व हम काफी अमेरिकी राष्ट्रपति भवन- व्हाइट हाउस को पत्र भेजा करते थे। ऐसा हम बिल क्लिंटन के समय से कर रहे थे। आगे चलकर हम लगभग 2009ई0से व्हाइट हाउस की बेवसाइट पर लिखने लगे थे। बराक ओबामा फिर हमें अपने पर्सनल e mail भेजने लगे थे। ऐसा शायद उनके द्वारा न होकर शायद उनके आफिस से ही होता हो? एक दो बार उनके पत्नी के भी e mail हमें प्राप्त हुए। हम विश्व व इंसानों की समस्याओं को लिख कर उस ओर अपने समाधान लिखता था। हमें पूरा विश्वास है कि बराक ओबामा के पहले शपथ समारोह में एलियन्स सूक्ष्म रूप से उपस्थित थे। तो ये भी है?! एलियन्स के सम्पर्क में कौन आ सकते हैं? जिनका सूक्ष्म स्तर सूक्ष्म से सूक्ष्म स्तर पर जा कर जगत व ब्रह्मण्ड के सूक्ष्म स्तर के सम्पर्क में आ जाये। लेकिन कुछ सत्ता में ….. तो ये भी है कि एलियंस उनके सम्पर्क में भी आ सकते हैं जो आम आदमी , भृष्ट नेताओं - प्रशासक से ऊपर उठ कर जगत व ब्रह्मण्ड के हित की भावना या सोंच रखते हैं। जुलाई 2023 ई0 के पहले सप्ताह में सर हम रात्रि में अर्द्ध निद्रा के बीच देख रहे थे कि एलियन्स आयें हैं और हमें बुला रहे हैं। इसके बाद हम अनेक बार मेडिटशन में एक गुफा को देख चुके हैं जहां हम काफी तेज रोशनी देखते हैं। सन 2023-24 ई 0,सन 2024-25ई 0 व सत्र 2025-26ई 0!! कुल मिला कर तीन वर्ष का समय?! साधना अपनी जगह है, मालिक की कृपा अपनी जगह है लेकिन स्वयं के कर्म, दिनचर्या, आदतें, सोंच, दृष्टिकोण आदि का असर भी तो झेलना होगा? ये तीन वर्ष…. विभिन्न अवसरों के बाबजूद भी संकल्प, श्रद्धा व विश्वास के स्तर का परिणाम भुगतना ही होगा?! जगत में कार्य करने के लिए हमारे सामने समस्या है संसाधनों का अभाव। इन तीन वर्षो श्री रामचंद्र मिशन में प्रशिक्षक होने का अवसर, पुस्तकें प्रकाशित होने का अवसर, साधना को गहन करने का अवसर….. और इन तीन वर्षो जनवरी - फरवरी में पेट, लिवर आदि के विकारों के कारण सेहत का बिगडना?! इन तीन वर्षो से पूर्व एलियन्स के द्वारा हमारे पूरे शरीर का स्केन करने पर हमारा कहना…जबड़ों में कैंसर की सम्भवना है? वह कहता है कि नहीं, पेट की समस्याएं हैं। परहेज करो। एक बार देखना कि एलियन्स हमें बुला रहे हैं लेकिन हम उनसे डर के कारण उनके पास नहीं जा रहे हैं? एक बार मेडिटेशन में बैठते वक्त भाव आना कि हम कब मरेंगे? तो उस ध्यान में बीच मध्य चेतना में गूंजना कि…चौबीस?! अब चौबीस क्या?!घंटा, दिन, सप्ताह, वर्ष क्या?! और…. एक बार देखना कि मुंबई से कुछ अभ्यासी के साथ दाजी जी उपस्थित हैं और हमसे कह रहे हैं कि क्या छपवाना है, लाओ? इसके कुछ दिनों बाद मई 2023ई 0प्रशिक्षक प्रत्याशी बैच में हम शामिल लेकिन स्वाध्याय में कमी के साथ कुछ और कमियाँ रहीं? इन तीन वर्षों हमें कभी कभी लगता है कि हम अपनी साधना को गहराई नहीं दे पा रहे हैं इसका पूर्व के बेहतर अनुभवो से तुलना लेकिन कभी कभार के अनुभवों व स्वपनों से हम आश्चर्यचकित रहा जाते जो कि विश्व स्तर के भी होते कभी कभी और नगर में कोई मरता हम उसको पहले ही स्वप्न में देख लेते? यहां तक कि एक दो बार ऐसा भी हुआ कि यम दूत आकर हमें वहाँ ले गये जहां किसी की मृत्यु होने वाली है?
दिसम्बर 2023ई0प्रशिक्षक प्रत्याशी मई 2023 बैच की पहली परीक्षा रिजल्ट आ गया था।जनवरी 2024को प्रशिक्षक बन कर राकेश कुमार वर्मा आ गये थे. आगे की दो परीक्षाओं में हम और बैठे लेकिन हमारी प्रशिक्षक होने की संभावना खत्म हो गयी। इस बीच हम अनेक भ्रम में भी रहे थे और हमें यह भी ज्ञान न थी कि हम सिर्फ तीन परीक्षा में ही बैठ सकते हैं या आगे भी की परीक्षा में बैठ सकते हैं? इसके साथ ही हमें अंदर ही अंदर ये भी लगता रहा कि मालिक तो हमसे और ही काम करवाएंगे? प्रशिक्षक बन हम सीमित हो जाएंगे? लेकिन इसके बाद मार्च 2025 के आते आते हम उदास हो गये? तब बाबू जी महाराज ने स्वप्न में आकर हमें मैसेज दिया -उदास हो गये? हमने कहा था न कि अपना काम करते रहना? इसके बाद हम सामान्य तो हुए लेकिन केंद्र व अभ्यासियों के बीच स्वयं को हम पूर्व की भांति उत्साह में नहीं पाते थे। और एक बात और जब तक शाहजहांपुर आश्रम मेंदीपक त्यागी जी थे तो हम सब सपरिवार आश्रम जब चाहें जा सकते थे, जब चाहें आ सकते थे? वे कहते थे कि तुम सब नहीं आओगे तो और कौन आएगा? तुम सब तो वालियंटर हो? कभी कभी हम ध्यान के दौरान अपना ही शरीर देखते हैं, ऐसा आज भी हुआ। 12/06/2026 (Ashok kumar verma "bindu ") www.akvashokbindu.blogspot.com)

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